The Ultimate Guide To ???? Call / WhatsApp

नौ दिनों तक मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें।

सामग्री तैयार करें: मिट्टी का पात्र (जिसमें जौ उगाने के लिए मिट्टी भरी हो)

पूजा के लिए एक स्वच्छ और शांत स्थान चुनें। वहां गंगाजल का छिड़काव करके स्थान को पवित्र करें।

यह समय आत्मज्ञान और ईश्वर के करीब जाने का अवसर प्रदान करता है।

लगा दें इसे, मिटेगा कष्ट-क्लेश, आएगी बरकत!

गुप्त नवरात्रि हिंदू सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक समय मानी जाती है। यह नवरात्रि विशेष रूप से गुप्त साधनाओं, तांत्रिक अनुष्ठानों, और महाविद्या की उपासना के लिए मनाई जाती है। इसे गुप्त इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसकी साधनाएं और अनुष्ठान गुप्त रूप से किए जाते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य आत्म-शुद्धि, शक्ति संचय और देवी के विभिन्न स्वरूपों की आराधना करना है।

* पितृदोष और कालसर्प दोष जैसे दोषों को दूर करती हैं।

* काली के पूजक पर काले जादू, टोने-टोटकों का प्रभाव नहीं पड़ता।

दुर्गा सप्तशती, देवी स्तोत्र या महालक्ष्मी मंत्र का पाठ करें।

मंत्र साधना: साधक अपनी साधना के अनुसार गुरु से प्राप्त मंत्रों का जाप कर सकते हैं।

Uday Navratri, also known as Prakat Navratri, is thoroughly celebrated from north to south and east to west with wonderful passion and zeal. They symbolize Local community functions using a information of devotion and triumph of click here fine above evil.

घट स्थापना करें: मिट्टी के पात्र में जौ (जवारे) बोएं।

इस दौरान कलश स्थापना करना शुभ रहेगा. आप पहले से तैयारी कर लें और शुभ मुहूर्त के अंदर ही कलश स्थापना कर लें.

गुप्त नवरात्रि का यह पावन समय साधकों के लिए एक नई ऊर्जा और प्रेरणा लेकर आता है। इसका पालन श्रद्धा और नियम के साथ करने से जीवन में अद्भुत परिवर्तन संभव है।

ना करे रक्षा तो महाबली भैरव की दुहाई।।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *